परीक्षा और परीक्षाफल दोस्तो परीक्षा का नाम सुनकर सबके जेहन में अपना बचपन और उससे जुड़ी बातें बरबस ही याद आने लगती है.., और फिर ये स्वाभाविक मानवीय स्वभाव का हिस्सा है। हम धीरे-धीरे जैसे वर्तमान से भूतकाल की और जाते है तो वो लड़कपन की बातें, वो दोस्तो के साथ खेले खेलकूद, वो शरारत, वो डांट-फटकार आदि .... याद कर बरबस चेहरे पर सुकून देने वाली हँसी से मन परम आनंदित हो उठता है। लेकिन आज हम सिर्फ उस परीक्षा की बात नही कह रहे जो कभी अध्ययन काल मे दिया करते थे, हम आज बात कर रहे है, जीवन के हर मोड़ पर दे रहे परीक्षा की जिसका फल (परीक्षाफल) पता नही कब प्राप्त होगा, प्राप्त होगा भी या नही, फल प्रत्यक्ष प्राप्त होगा या अप्रत्यक्ष ये भी पता नही, फल हमे प्राप्त होगा या किसी और को ये ज्ञात नही, खैर ....। एक बात तो तय है जिसने अध्ययन के साथ जीवन के मूलमंत्र भी सीखे व जाने है, वे लोग दोनों ही परीक्षा में सफल होते देखे जा सकते है। सफलता का सीधा-सीधा मतलब ये भी नही है की आप पढ़े-लिखे है या अनपढ़ है। दूसरे शब्दों में कहे तो सफलता स्कूली शिक्षा की मोहताज नही, इसका मतलब ये भी नही की ह...