ज्ञान और घमंड


जिन्हें ज्ञान है उन्हें  घमंड कैसा..
जिन्हें घमंड  है उन्हें ज्ञान कैसा ..

ज्ञान और घमंड एक ही सिक्के के दो पहलू है। यदा कदा अल्पज्ञानी को अपने ज्ञान पर घमंड हो सकता है, लेकिन ज्ञानी (सर्वज्ञ) को घमंड  नही हो सकता। सर्वज्ञ ज्ञान के प्रकाश से घमंड का सर्वथा नाश हो जाता है। इसीलिए कहते है "जिन्हें ज्ञान है, उन्हें घमंड कैसा ..। और जिन्हें घमंड है, उन्हें ज्ञान कैसा ..।

अल्पज्ञानी को अपने ज्ञान का घमंड तो होता है, लेकिन घमंड का ज्ञान कभी नही होता। जिस व्यक्ति को अपने घमंड का ज्ञान-भान ना हो वह ज्ञानी हो ही नही सकता, वह अल्पज्ञानी है।

कई बार देखा जाता है कि अपने आप को ज्ञानी समझने वाले (अल्पज्ञानी)  इतना बोलते है कि सुनने वाले उस ज्ञानी के चुप होने का इंतजार करते है, और सर्वज्ञ ज्ञानी व्यक्ति सिर्फ इतना बोलते है कि सुनने वाले और कुछ सुनने का इंतजार करते रहते है।


 

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