असफलता का ये मतलब नही की आप कभी सफल नही हो सकते ...
असफलता का मतलब ये नही की
आप सफल नही हो सकते
बिरले ही होते है जिन्हें एक बार मे सफलता प्राप्त हो जाये वरना अधिकांश लोगों को असफलता हाथ लगती है। कहने का तात्पर्य यह है कि सफलता के पीछे असफलता का हाथ होता है। ठोकरें खा-खा कर ही शंकर बनाते है। सफलता के लिए ठोकरें खाना आवश्यक है। जब तक गिरोगे नही उठना संभव नही है। उठने के लिए गिरना जरूरी है। फल भी परिपक्वता के पूर्व कच्चा ही होता है। कोई खिलाड़ी हो, उद्योगपति हो, वैज्ञानिक हो सभी को सीधे-सीधे सफलता प्राप्त नही हुई है। हर सफल व्यक्ति के पीछे अतीत की जद्दोजहद छिपी होती है। सफल वही होता है जो असफलता से सिख लेकर फिर शुरुआत करता है। हार के बाद ही जीत का मंत्र मिलता है।~
संभव सब कुछ है ; बिना आंख वाले सूरदास जी को भगवान के दर्शन होते है, बिना आंख वाले रविन्द्र जैन के संगीत को कौन नही जानता, एक पैर के बिना हिमालय की चोटी पर चढ़ना वाली अरुणिमा सिंह को आप जानते ही हो, एक पैर वाली महान नृत्यांगना सुधा चंद्रा को भी आप जानते हो। बिना आंख और बिना एक पैर के ये लोग अपने-अपने क्षेत्र में टॉप पर रहे है, इस प्रकार के सफल लोगो की लिस्ट और भी बड़ी है, खैर ...।
कहने का तात्पर्य यह है कि असफलता से ना घबराए, लगे रहे, और अधिक तन्मयता के साथ ..., और अधिक आत्मविश्वास के साथ ..., सफलता अवश्य मिलेगी मिल कर रहेगी ...।
आप अपने आप को यूनिक माने, अपनी तुलना किसी से ना करें। अपने आप मे कार्य के प्रति चुम्बकत्व के गुण लाये और कार्य से यु चिपक जाए जैसे चुम्बक लोहे से चिपकता है। कोमल जल की धारा से चट्टान भी कट जाती है, क्योकि जल चलायमान है, आप भी चलते चले, अपने कार्य मे लगे रहे, सफलता अवश्य मिलेगी।

सही बात है
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